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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 934

नंबर 934किताब 9, नंबर 127
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مُوسَى، وَابْنُ أَبِي عُمَرَ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ أَوْسٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ أَبِي بَكْرٍ أَنْ يُعْمِرَ عَائِشَةَ مِنَ التَّنْعِيمِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Amr bin Aws narrated from Abdur-Rahman bin Abi Bakr:"The Prophet ordered Abdur-RAhman bin Abi Bakr to (accompany) Aishah to perform Umrah from At-Tan'im
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।