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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 924

नंबर 924किताब 9, नंबर 117
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ طَرِيفٍ الْكُوفِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سُوقَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ رَفَعَتِ امْرَأَةٌ صَبِيًّا لَهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلِهَذَا حَجٌّ قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ وَلَكِ أَجْرٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏ حَدِيثُ جَابِرٍ حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Jabir bin Abdullah narrated:"A woman held a boy of hers up for the Messenger of Allah and said: 'O Messenger of Allah! Is there Hajj for this one' He said: 'Yes, and you will be rewarded
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।