सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 915

नंबर 915किताब 9, नंबर 108
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، عَنْ هَمَّامٍ، عَنْ خِلاَسٍ، نَحْوَهُ ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ عَنْ عَلِيٍّ، ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عَلِيٍّ فِيهِ اضْطِرَابٌ ‏.‏ وَرُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ، عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم نَهَى أَنْ تَحْلِقَ الْمَرْأَةُ رَأْسَهَا ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ لاَ يَرَوْنَ عَلَى الْمَرْأَةِ حَلْقًا وَيَرَوْنَ أَنَّ عَلَيْهَا التَّقْصِيرَ ‏.‏
(Another chain) with similar (as no. 914) from Khilas:But he did not mention "from Ali
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।