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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 905

नंबर 905किताब 9, नंबर 98
حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، وَغَيْرُ، وَاحِدٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى، عَنْ حُسَيْنِ بْنِ وَاقِدٍ، عَنْ عِلْبَاءَ بْنِ أَحْمَرَ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ كُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي سَفَرٍ ‏.‏ فَحَضَرَ الأَضْحَى فَاشْتَرَكْنَا فِي الْبَقَرَةِ سَبْعَةً وَفِي الْجَزُورِ عَشَرَةً ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ وَهُوَ حَدِيثُ حُسَيْنِ بْنِ وَاقِدٍ ‏.‏
Ibn Abbas narrated:"We were with the Prophet on a journey (on the Day of) Adha, so seven of us shared in a cow, and ten for a camel
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।