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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 860

नंबर 860किताब 9, नंबर 53
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَابِسِ بْنِ رَبِيعَةَ، قَالَ رَأَيْتُ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ يُقَبِّلُ الْحَجَرَ وَيَقُولُ إِنِّي أُقَبِّلُكَ وَأَعْلَمُ أَنَّكَ حَجَرٌ وَلَوْلاَ أَنِّي رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُقَبِّلُكَ لَمْ أُقَبِّلْكَ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي بَكْرٍ وَابْنِ عُمَرَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عُمَرَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Abbas bin Rabi'ah said:"I saw Umar bin Al-Khattab kissing the (Black) Stone and saying: 'I am kissing you while I know that you are just a stone, and if I had not seen the Messenger of Allah kissing you, I would not kiss you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।