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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 836

नंबर 836किताब 9, नंबर 29
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ يَعْلَى، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم نَحْوَهُ بِمَعْنَاهُ ‏.‏ وَهَذَا أَصَحُّ وَفِي الْحَدِيثِ قِصَّةٌ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَكَذَا رَوَاهُ قَتَادَةُ وَالْحَجَّاجُ بْنُ أَرْطَاةَ وَغَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ يَعْلَى بْنِ أُمَيَّةَ ‏.‏ وَالصَّحِيحُ مَا رَوَى عَمْرُو بْنُ دِينَارٍ وَابْنُ جُرَيْجٍ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ يَعْلَى عَنْ أَبِيهِ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Ya'la bin Umayyah narrated:A Hadith similar to no. 835 with a different chain
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।