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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 827

नंबर 827किताब 9, नंबर 20
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، عَنِ الضَّحَّاكِ بْنِ عُثْمَانَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَرْبُوعٍ، عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم سُئِلَ أَىُّ الْحَجِّ أَفْضَلُ قَالَ ‏ "‏ الْعَجُّ وَالثَّجُّ ‏"‏ ‏.‏
Abu Bakr As-Siddiq narrated that:The Messenger of Allah was asked: "Which Hajj is the most virtuous?" He said: "That with raised voices (Al-Ajj) and the flow of blood (of the sacrifice) (Ath-Thajj)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।