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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 821

नंबर 821किताब 9, नंबर 14
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لَبَّيْكَ بِعُمْرَةٍ وَحَجَّةٍ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عُمَرَ وَعِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَنَسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ ذَهَبَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ إِلَى هَذَا ‏.‏ وَاخْتَارُوهُ مِنْ أَهْلِ الْكُوفَةِ وَغَيْرِهِمْ ‏.‏
Anas narrated:"I heard the Prophet saying: (Labbaika Bi'umratin wa Hajjah) 'Here I am for 'Umrah and Hajj
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।