सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 817

नंबर 817किताब 9, नंबर 10
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ لَمَّا أَرَادَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم الْحَجَّ أَذَّنَ فِي النَّاسِ فَاجْتَمَعُوا فَلَمَّا أَتَى الْبَيْدَاءَ أَحْرَمَ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عُمَرَ وَأَنَسٍ وَالْمِسْوَرِ بْنِ مَخْرَمَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ جَابِرٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Jabir bin Abdullah narrated:"When the Prophet wanted to Perform Hajj, he announced it to the people, and they gathered (to accompany him). When he reached Al-Baida he assumed Ihram
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।