حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ نُمَيْرِ بْنِ عَرِيبٍ، عَنْ عَامِرِ بْنِ مَسْعُودٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ " الْغَنِيمَةُ الْبَارِدَةُ الصَّوْمُ فِي الشِّتَاءِ " . قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ مُرْسَلٌ . عَامِرُ بْنُ مَسْعُودٍ لَمْ يُدْرِكِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَهُوَ وَالِدُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ عَامِرٍ الْقُرَشِيِّ الَّذِي رَوَى عَنْهُ شُعْبَةُ وَالثَّوْرِيُّ .
Amir bin Mas'ud narrated that:The Prophet said: "Fasting during the winter is an easy reward
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAhmad Muhammad Shakir
SahihAl-Albani
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।