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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 780

नंबर 780किताब 8, नंबर 99
حَدَّثَنَا أَزْهَرُ بْنُ مَرْوَانَ الْبَصْرِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَوَاءٍ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا دُعِيَ أَحَدُكُمْ إِلَى طَعَامٍ فَلْيُجِبْ فَإِنْ كَانَ صَائِمًا فَلْيُصَلِّ ‏"‏ ‏.‏ يَعْنِي الدُّعَاءَ ‏.‏
Abu Hurairah narrated that:The Prophet said: "When one of you is invited to eat then let him respond, if he is fasting then let him pray." Meaning: supplicate
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book on Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।