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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 746

नंबर 746किताब 8, नंबर 65
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ، وَمُعَاوِيَةُ بْنُ هِشَامٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ خَيْثَمَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصُومُ مِنَ الشَّهْرِ السَّبْتَ وَالأَحَدَ وَالاِثْنَيْنِ وَمِنَ الشَّهْرِ الآخَرِ الثُّلاَثَاءَ وَالأَرْبِعَاءَ وَالْخَمِيسَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَرَوَى عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ سُفْيَانَ وَلَمْ يَرْفَعْهُ ‏.‏
Aishah narrated:"The Messenger of Allah would fast Saturdays, Sundays, and Mondays in one months, and Tuesdays, Wednesdays and Thursdays in the next month
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book on Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।