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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 737

नंबर 737किताब 8, नंबर 56
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا عَبْدَةُ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو حَدَّثَنَا أَبُو سَلَمَةَ عَنْ عَائِشَةَ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِذَلِكَ ‏.‏ وَرُوِيَ عَنِ ابْنِ الْمُبَارَكِ أَنَّهُ قَالَ فِي هَذَا الْحَدِيثِ هُوَ جَائِزٌ فِي كَلاَمِ الْعَرَبِ إِذَا صَامَ أَكْثَرَ الشَّهْرِ أَنْ يُقَالَ صَامَ الشَّهْرَ كُلَّهُ وَيُقَالُ قَامَ فُلاَنٌ لَيْلَهُ أَجْمَعَ ‏.‏ وَلَعَلَّهُ تَعَشَّى وَاشْتَغَلَ بِبَعْضِ أَمْرِهِ ‏.‏ كَأَنَّ ابْنَ الْمُبَارَكِ قَدْ رَأَى كِلاَ الْحَدِيثَيْنِ مُتَّفِقَيْنِ يَقُولُ إِنَّمَا مَعْنَى هَذَا الْحَدِيثِ أَنَّهُ كَانَ يَصُومُ أَكْثَرَ الشَّهْرِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَقَدْ رَوَى سَالِمٌ أَبُو النَّضْرِ وَغَيْرُ وَاحِدٍ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ عَائِشَةَ نَحْوَ رِوَايَةِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو ‏.‏
(Another chain, a Hadith similar to no. 736) for that, from Aishah, :from the Prophet
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book on Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।