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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 733

नंबर 733किताब 8, नंबर 52
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ طَلْحَةَ بْنِ يَحْيَى، عَنْ عَمَّتِهِ، عَائِشَةَ بِنْتِ طَلْحَةَ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ، قَالَتْ دَخَلَ عَلَىَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَوْمًا فَقَالَ ‏"‏ هَلْ عِنْدَكُمْ شَيْءٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالَتْ قُلْتُ لاَ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَإِنِّي صَائِمٌ ‏"‏ ‏.‏
Aishah, the Mother of the Believers, narrated:"The Messenger of Allah visited me one day and said: 'Do you have anything (to eat)?'" She said: "I said: 'No.' He said: 'Then I am fasting
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book on Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।