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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 722

नंबर 722किताब 8, नंबर 41
حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ عَوْفٍ، عَنِ ابْنِ سِيرِينَ، وَخِلاَسٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم مِثْلَهُ أَوْ نَحْوَهُ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ وَأُمِّ إِسْحَاقَ الْغَنَوِيَّةِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ وَبِهِ يَقُولُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَاقُ ‏.‏ وَقَالَ مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ إِذَا أَكَلَ فِي رَمَضَانَ نَاسِيًا فَعَلَيْهِ الْقَضَاءُ ‏.‏ وَالْقَوْلُ الأَوَّلُ أَصَحُّ ‏.‏
Abu Hurairah narrated:(Another chain) with the same or similar (Hadith as no)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book on Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।