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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 698

नंबर 698किताब 8, नंबर 17
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ إِسْحَاقَ الْهَمْدَانِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدَةُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا أَقْبَلَ اللَّيْلُ وَأَدْبَرَ النَّهَارُ وَغَابَتِ الشَّمْسُ فَقَدْ أَفْطَرْتَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ أَبِي أَوْفَى وَأَبِي سَعِيدٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عُمَرَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Umar bin Al-Khattab narrated that:The Messenger of Allah said: "When the night advances and the day retreats, and the sun is hidden, then the fast is to be broken
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book on Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।