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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 663

नंबर 663किताब 7, नंबर 47
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا صَدَقَةُ بْنُ مُوسَى، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ سُئِلَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَىُّ الصَّوْمِ أَفْضَلُ بَعْدَ رَمَضَانَ فَقَالَ ‏"‏ شَعْبَانُ لِتَعْظِيمِ رَمَضَانَ ‏"‏ ‏.‏ قِيلَ فَأَىُّ الصَّدَقَةِ أَفْضَلُ قَالَ ‏"‏ صَدَقَةٌ فِي رَمَضَانَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَصَدَقَةُ بْنُ مُوسَى لَيْسَ عِنْدَهُمْ بِذَاكَ الْقَوِيِّ ‏.‏
Anas narrated that :the Prophet was asked which fast was most virtuous after Ramadan? He said: "Sha'ban in honor of Ramadan" He said: "Which charity is best?" He (pbuh) said: "Charity in Ramadan
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book on Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।