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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 629

नंबर 629किताब 7, नंबर 13
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ أَبِي سَلَمَةَ التِّنِّيسِيُّ، عَنْ صَدَقَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ مُوسَى بْنِ يَسَارٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ فِي الْعَسَلِ فِي كُلِّ عَشَرَةِ أَزُقٍّ زِقٌّ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَأَبِي سَيَّارَةَ الْمُتَعِيِّ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عُمَرَ فِي إِسْنَادِهِ مَقَالٌ وَلاَ يَصِحُّ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي هَذَا الْبَابِ كَبِيرُ شَيْءٍ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ وَبِهِ يَقُولُ أَحْمَدُ وَإِسْحَاقُ ‏.‏ وَقَالَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ لَيْسَ فِي الْعَسَلِ شَيْءٌ ‏.‏ وَصَدَقَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ لَيْسَ بِحَافِظٍ وَقَدْ خُولِفَ صَدَقَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ فِي رِوَايَةِ هَذَا الْحَدِيثِ عَنْ نَافِعٍ ‏.‏
Ibn Umar narrated that :the Messenger of Allah said: "A Ziqq is due for every ten Ziqq of honey
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book on Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।