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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 626

नंबर 626किताब 7, नंबर 10
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى الْمَازِنِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ ذَوْدٍ صَدَقَةٌ وَلَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ أَوَاقٍ صَدَقَةٌ وَلَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسَةِ أَوْسُقٍ صَدَقَةٌ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَابْنِ عُمَرَ وَجَابِرٍ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو ‏.‏
Abu Sa'eed Al-Khudri narrated that :the Prophet said: "There is no charity due on less than five camels, and there is no charity due on what is less than five Uqiyah (of silver), and there is no charity due on what is less than five Wasaq
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book on Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।