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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 605

नंबर 605किताब 6, नंबर 62
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الأَغَرِّ بْنِ الصَّبَّاحِ، عَنْ خَلِيفَةَ بْنِ حُصَيْنٍ، عَنْ قَيْسِ بْنِ عَاصِمٍ، أَنَّهُ أَسْلَمَ فَأَمَرَهُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ يَغْتَسِلَ بِمَاءٍ وَسِدْرٍ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَيْهِ عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ يَسْتَحِبُّونَ لِلرَّجُلِ إِذَا أَسْلَمَ أَنْ يَغْتَسِلَ وَيَغْسِلَ ثِيَابَهُ ‏.‏
Qais bin Asim narrated that:he accepted Islam and the Prophet ordered him to perform Ghusl with water and Sidr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book on Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।