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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 599

नंबर 599किताब 6, नंबर 56
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ ضَمْرَةَ، عَنْ عَلِيٍّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم نَحْوَهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَقَالَ إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَحْسَنُ شَيْءٍ رُوِيَ فِي تَطَوُّعِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي النَّهَارِ هَذَا ‏.‏ وَرُوِيَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ أَنَّهُ كَانَ يُضَعِّفُ هَذَا الْحَدِيثَ ‏.‏ وَإِنَّمَا ضَعَّفَهُ عِنْدَنَا وَاللَّهُ أَعْلَمُ لأَنَّهُ لاَ يُرْوَى مِثْلُ هَذَا عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ عَنْ عَاصِمِ بْنِ ضَمْرَةَ عَنْ عَلِيٍّ ‏.‏ وَعَاصِمُ بْنُ ضَمْرَةَ هُوَ ثِقَةٌ عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ ‏.‏ قَالَ عَلِيُّ بْنُ الْمَدِينِيِّ قَالَ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ قَالَ سُفْيَانُ كُنَّا نَعْرِفُ فَضْلَ حَدِيثِ عَاصِمِ بْنِ ضَمْرَةَ عَلَى حَدِيثِ الْحَارِثِ ‏.‏
(Another chain) from Ali :from the Prophet similarly (no)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book on Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।