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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 595

नंबर 595किताब 6, नंबर 52
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا عَبْدَةُ، وَوَكِيعٌ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ فَذَكَرَ نَحْوَهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا أَصَحُّ مِنَ الْحَدِيثِ الأَوَّلِ ‏.‏
(Another chain) from Hisham bin Urwah, from his father:"That the Prophet ordered." And he mentioned similarly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book on Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।