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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 590

नंबर 590किताब 6, नंबर 47
حَدَّثَنَا صَالِحُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا أَبُو الأَحْوَصِ، عَنْ أَشْعَثَ بْنِ أَبِي الشَّعْثَاءِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ سَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ الاِلْتِفَاتِ فِي الصَّلاَةِ قَالَ ‏ "‏ هُوَ اخْتِلاَسٌ يَخْتَلِسُهُ الشَّيْطَانُ مِنْ صَلاَةِ الرَّجُلِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Aishah narrated:"I asked the Messenger of Allah about looking around during the Salat. He said: 'It is a portion which the Shaitan snatches during a man's prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book on Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।