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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 541

नंबर 541किताब 5, नंबर 12
حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى بْنُ وَاصِلِ بْنِ عَبْدِ الأَعْلَى الْكُوفِيُّ، وَأَبُو زُرْعَةَ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّلْتِ، عَنْ فُلَيْحِ بْنِ سُلَيْمَانَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا خَرَجَ يَوْمَ الْعِيدِ فِي طَرِيقٍ رَجَعَ فِي غَيْرِهِ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ وَأَبِي رَافِعٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَحَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَرَوَى أَبُو تُمَيْلَةَ وَيُونُسُ بْنُ مُحَمَّدٍ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ فُلَيْحِ بْنِ سُلَيْمَانَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْحَارِثِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ ‏.‏ قَالَ وَقَدِ اسْتَحَبَّ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ لِلإِمَامِ إِذَا خَرَجَ فِي طَرِيقٍ أَنْ يَرْجِعَ فِي غَيْرِهِ اتِّبَاعًا لِهَذَا الْحَدِيثِ وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ ‏.‏ وَحَدِيثُ جَابِرٍ كَأَنَّهُ أَصَحُّ ‏.‏
Abu Hurairah narrated:"When Allah's Messenger would go out on the day of Eid by one route, he would return by another
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book on the Two Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।