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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 538

नंबर 538किताब 5, नंबर 9
حَدَّثَنَا أَبُو عَمَّارٍ الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ أَبَانَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْبَجَلِيِّ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ حَفْصٍ، وَهُوَ ابْنُ عُمَرَ بْنِ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّهُ خَرَجَ فِي يَوْمِ عِيدٍ فَلَمْ يُصَلِّ قَبْلَهَا وَلاَ بَعْدَهَا وَذَكَرَ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَعَلَهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Abu Bakr bin Hafs - and he is Ibn Umar bin Sa'd bin Abi Waqas - narrated about Ibn Umar, that:"He went out on the day of Eid, and he did not pray before it nor after it. He mentioned that the Prophet did so
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book on the Two Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।