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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3949

नंबर 3949किताब 49, नंबर 349
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُؤَمَّلٌ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ، نَحْوَ حَدِيثِ شُعْبَةَ وَزَادَ فِيهِ ‏ "‏ وَعُصَيَّةُ عَصَتِ اللَّهَ وَرَسُولَهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated 'Abdullah bin Dinar:similar to Shu'bah (#3948) and he added: "And 'Usayyah has disobeyed Allah and His Messenger
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।