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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3931

नंबर 3931किताब 49, नंबर 331
حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ مُعَاذٍ الْعَقَدِيُّ، - بَصْرِيٌّ - قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدَبٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ سَامٌ أَبُو الْعَرَبِ وَيَافِثُ أَبُو الرُّومِ وَحَامٌ أَبُو الْحَبَشِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَيُقَالُ يَافِثُ وَيَافِتُ وَيَفتُ ‏.‏
Narrated Samurah bin Jundab:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "Sam was the father of Arabs, Yafith was the father of Romans, and Ham was the father of Ethiopians
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।