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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3919

नंबर 3919किताब 49, नंबर 319
حَدَّثَنَا أَبُو السَّائِبِ، سَلْمُ بْنُ جُنَادَةَ قَالَ أَخْبَرَنَا أَبِي جُنَادَةُ بْنُ سَلْمٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ آخِرُ قَرْيَةٍ مِنْ قُرَى الإِسْلاَمِ خَرَابًا الْمَدِينَةُ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ جُنَادَةَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ ‏.‏ قَالَ تَعَجَّبَ مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ مِنْ حَدِيثِ أَبِي هُرَيْرَةَ هَذَا ‏.‏
Narrated Abu Hurairah:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "The last of the cities of Islam to be destroyed is Al-Madinah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।