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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3912

नंबर 3912किताब 49, नंबर 312
حَدَّثَنَا أَبُو السَّائِبِ سَلْمُ بْنُ جُنَادَةَ قَالَ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ بَشِيرٍ، عَنْ مُجَالِدٍ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خَيْرُ دِيَارِ الأَنْصَارِ بَنُو النَّجَّارِ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏
Narrated Jabir bin 'Abdullah:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "The best house of the Ansar is Banu An-Najjar
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।