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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3905

नंबर 3905किताब 49, नंबर 305
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ الْحَسَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ الْهَاشِمِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ ابْنُ سَعْدٍ، قَالَ حَدَّثَنِي صَالِحُ بْنُ كَيْسَانَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ الْحَكَمِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ يُرِدْ هَوَانَ قُرَيْشٍ أَهَانَهُ اللَّهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ صَالِحِ بْنِ كَيْسَانَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ ‏.‏
Narrated Sa'd:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "Whoever wishes to humiliate the Quraish then Allah will humiliate him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।