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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3897

नंबर 3897किताब 49, नंबर 297
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، وَالْحُسَيْنُ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنِ السُّدِّيِّ، عَنِ الْوَلِيدِ بْنِ أَبِي هِشَامٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ زَائِدَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يُبَلِّغُنِي أَحَدٌ عَنْ أَحَدٍ شَيْئًا ‏"‏ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم شَيْئًا مِنْ هَذَا مِنْ غَيْرِ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏
Narrated 'Abdullah bin Mas'ud:that the Prophet (ﷺ) said: "No one should convey to me anything regarding anyone
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।