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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3868

नंबर 3868किताब 49, नंबर 268
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ الْجَوْهَرِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا الأَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ، عَنْ جَعْفَرٍ الأَحْمَرِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ بُرَيْدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ كَانَ أَحَبَّ النِّسَاءِ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَاطِمَةُ وَمِنَ الرِّجَالِ عَلِيٌّ ‏.‏ قَالَ إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ يَعْنِي مِنْ أَهْلِ بَيْتِهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏
Narrated Buraidah:"The most beloved of women to the Messenger of Allah (ﷺ) was Fatimah and from the men was 'Ali
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MunkarAhmad Muhammad Shakir
  • MunkarAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।