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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3848

नंबर 3848किताब 49, नंबर 248
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، قَالَ أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ وَجَنَازَةُ سَعْدِ بْنِ مُعَاذٍ بَيْنَ أَيْدِيهِمْ ‏ "‏ اهْتَزَّ لَهُ عَرْشُ الرَّحْمَنِ ‏"‏ ‏. وَفِي الْبَابِ عَنْ أُسَيْدِ بْنِ حُضَيْرٍ وَأَبِي سَعِيدٍ وَرُمَيْثَةَ ‏.‏هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Jabir bin 'Abdullah:"I heard the Messenger of Allah (ﷺ), saying while the funeral of Sa'd bin Mu'adh was in front of them: 'The Throne of Ar-Rahman shook due to it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।