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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3842

नंबर 3842किताब 49, नंबर 242
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو مُسْهِرٍ عَبْدُ الأَعْلَى بْنُ مُسْهِرٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي عَمِيرَةَ، وَكَانَ، مِنْ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ لِمُعَاوِيَةَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ اجْعَلْهُ هَادِيًا مَهْدِيًّا وَاهْدِ بِهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
अब्दुर्रहमान बिन अबी अमीरा, जिनका शुमार अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के सहाबा में होता है, नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से रिवायत करते हैं कि आपने मुआविया -रज़ियल्लाहु अन्हु- के बारे में फ़रमायाः "ऐ अल्लाह, इसे सीधा रास्ता बताने वाला और सीधे रास्ते पर चलने वाला बना तथा इसके ज़रिए लोगों को सीधा रास्ता दिखा।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।