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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3836

नंबर 3836किताब 49, नंबर 236
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، قَالَ أَخْبَرَنَا يَعْلَى بْنُ عَطَاءٍ، عَنِ الْوَلِيدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّهُ قَالَ لأَبِي هُرَيْرَةَ يَا أَبَا هُرَيْرَةَ أَنْتَ كُنْتَ أَلْزَمَنَا لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَأَحْفَظَنَا لِحَدِيثِهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏
Narrated Al-Walid bin 'Abdur-Rahman:that Ibn 'Umar said to Abu Hurairah: "You used to stick to the Messenger of Allah (ﷺ) most out of all of us, and you used to best memorize his Ahadith out of us
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।