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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3834

नंबर 3834किताब 49, नंबर 234
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُمَرَ بْنِ عَلِيٍّ الْمُقَدَّمِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ أَبِي الرَّبِيعِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ أَتَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَبَسَطْتُ ثَوْبِي عِنْدَهُ ثُمَّ أَخَذَهُ فَجَمَعَهُ عَلَى قَلْبِي فَمَا نَسِيتُ بَعْدَهُ حَدِيثًا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏
Narrated Abu Hurairah:"I came to the Prophet (ﷺ) and spread out my garment next to him, then he took it and gathered it at my heart, so I did not forget after that [any Hadith]
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan IsnaadAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।