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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3755

नंबर 3755किताब 49, नंबर 152
‏حَدَّثَنَا بِذَلِكَ، مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ سَعْدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادٍ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، قَالَ مَا سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يُفَدِّي أَحَدًا بِأَبَوَيْهِ إِلاَّ لِسَعْدٍ فَإِنِّي سَمِعْتُهُ يَقُولُ يَوْمَ أُحُدٍ ‏ "‏ ارْمِ سَعْدٌ فِدَاكَ أَبِي وَأُمِّي ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated 'Ali bin Abi Talib:"I never heard the Prophet (ﷺ) mentioning both of his parents being ransomed for anyone except for Sa'd. On the Day of Uhud, I heard him saying: 'Shoot, Sa'd, may my father and mother be ransomed for you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।