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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3752

नंबर 3752किताब 49, नंबर 149
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، وَأَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ مُجَالِدٍ، عَنْ عَامِرٍ الشَّعْبِيِّ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ أَقْبَلَ سَعْدٌ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ هَذَا خَالِي فَلْيُرِنِي امْرُؤٌ خَالَهُ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ مُجَالِدٍ ‏.‏ وَكَانَ سَعْدُ بْنُ أَبِي وَقَّاصٍ مِنْ بَنِي زُهْرَةَ وَكَانَتْ أُمُّ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم مِنْ بَنِي زُهْرَةَ فَلِذَلِكَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ هَذَا خَالِي ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir bin 'Abdullah:"Sa'd came, so the Prophet (ﷺ) said: "This is my maternal uncle, so let a man show me his maternal uncle
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।