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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3734

नंबर 3734किताब 49, नंबर 131
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُخْتَارِ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ أَبِي بَلْجٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ مَيْمُونٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ أَوَّلُ مَنْ صَلَّى عَلِيٌّ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ لاَ نَعْرِفُهُ مِنْ حَدِيثِ شُعْبَةَ عَنْ أَبِي بَلْجٍ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ مُحَمَّدِ بْنِ حُمَيْدٍ ‏.‏ وَأَبُو بَلْجٍ اسْمُهُ يَحْيَى بْنُ أَبِي سُلَيْمٍ ‏.‏ وَقَدِ اخْتَلَفَ أَهْلُ الْعِلْمِ فِي هَذَا فَقَالَ بَعْضُهُمْ أَوَّلُ مَنْ أَسْلَمَ أَبُو بَكْرٍ الصِّدِّيقُ ‏.‏ وَقَالَ بَعْضُهُمْ أَوَّلُ مَنْ أَسْلَمَ عَلِيٌّ ‏.‏ وَقَالَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ أَوَّلُ مَنْ أَسْلَمَ مِنَ الرِّجَالِ أَبُو بَكْرٍ وَأَسْلَمَ عَلِيٌّ وَهُوَ غُلاَمٌ ابْنُ ثَمَانِ سِنِينَ وَأَوَّلُ مَنْ أَسْلَمَ مِنَ النِّسَاءِ خَدِيجَةُ ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas:"The first to perform Salat was 'Ali
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।