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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3698

नंबर 3698किताब 49, नंबर 94
حَدَّثَنَا أَبُو هِشَامٍ الرِّفَاعِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ الْيَمَانِ، عَنْ شَيْخٍ، مِنْ بَنِي زُهْرَةَ عَنِ الْحَارِثِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي ذُبَابٍ، عَنْ طَلْحَةَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لِكُلِّ نَبِيٍّ رَفِيقٌ وَرَفِيقِي - يَعْنِي فِي الْجَنَّةِ عُثْمَانُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ وَ لَيْسَ إِسْنَادُهُ بِالْقَوِيِّ وَهُوَ مُنْقَطِعٌ ‏.‏
Narrated Talhah bin 'Ubaidullah:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "For every Prophet there is a friend (Rafiq), and my friend" - meaning in Paradise - "is 'Uthman
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।