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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3673

नंबर 3673किताब 49, नंबर 69
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْكُوفِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ بَشِيرٍ، عَنْ عِيسَى بْنِ مَيْمُونٍ الأَنْصَارِيِّ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَائِشَةَ، رضى الله عنها قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَنْبَغِي لِقَوْمٍ فِيهِمْ أَبُو بَكْرٍ أَنْ يَؤُمَّهُمْ غَيْرُهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated 'Aishah:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "It is not befitting that a group, among whom is Abu Bakr, be led by other than him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAhmad Muhammad Shakir
  • Very DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।