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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3666

नंबर 3666किताब 49, नंबर 62
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدَّوْرَقِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، قَالَ ذَكَرَ دَاوُدُ عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنِ الْحَارِثِ، عَنْ عَلِيٍّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ سَيِّدَا كُهُولِ أَهْلِ الْجَنَّةِ مِنَ الأَوَّلِينَ وَالآخِرِينَ مَا خَلاَ النَّبِيِّينَ وَالْمُرْسَلِينَ لاَ تُخْبِرْهُمَا يَا عَلِيُّ ‏"‏ ‏.‏
Narrated 'Ali:that the Prophet (ﷺ) said: "Abu Bakr and 'Umar are the masters of the elder people among the inhabitants of Paradise, from the first ones and the last ones, not including the Prophets and the Messengers. Do not inform them O 'Ali
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।