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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3636

नंबर 3636किताब 49, नंबर 32
حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ وَكِيعٍ، حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، قَالَ سَأَلَ رَجُلٌ الْبَرَاءَ أَكَانَ وَجْهُ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِثْلَ السَّيْفِ قَالَ لاَ مِثْلَ الْقَمَرِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏
Narrated Abu Ishaq:"A man asked Al-Bara: 'Was the face of the Messenger of Allah (ﷺ) like a sword?' He said: 'No, like the moon
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।