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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3622

नंबर 3622किताब 49, नंबर 18
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قُبِضَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم وَهُوَ ابْنُ خَمْسٍ وَسِتِّينَ وَهَكَذَا حَدَّثَنَا هُوَ يَعْنِي ابْنَ بَشَّارٍ وَرَوَى عَنْهُ مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ مِثْلَ ذَلِكَ ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas:"The Prophet (ﷺ) died when he was sixty-five years old
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAhmad Muhammad Shakir
  • ShadhAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।