सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3604.1

नंबर 3604.1किताब 48, नंबर 244
حَدَّثَنَا صَالِحُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا جَعْفَرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ ثَابِتٍ الْبُنَانِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لِيَسْأَلْ أَحَدُكُمْ رَبَّهُ حَاجَتَهُ حَتَّى يَسْأَلَهُ الْمِلْحَ وَحَتَّى يَسْأَلَهُ شِسْعَ نَعْلِهِ إِذَا انْقَطَعَ ‏"‏ ‏.‏ وَهَذَا أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ قَطَنٍ عَنْ جَعْفَرِ بْنِ سُلَيْمَانَ ‏.‏
Thabit Al-Bunani narrated that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Let one of you ask his Lord for his every need, until he asks Him for salt, and asks Him for the strap of his sandal when it breaks.”

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · Chapters on Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।