सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3582

नंबर 3582किताब 48, नंबर 213
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي جَعْفَرٍ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ سُلَيْمٍ، قَالَ مَا نَهَضَ مَلَكٌ مِنَ الأَرْضِ حَتَّى قَالَ لاَ حَوْلَ وَلاَ قُوَّةَ إِلاَّ بِاللَّهِ ‏.‏
Safwan bin Sulaim said:“No angel has risen from the earth until he said: ‘There is no might or power except with Allah (Lā ḥawla wa lā quwwata illā billāh).’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · Chapters on Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।