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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3472

नंबर 3472किताब 48, नंबर 103
حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ الأَسْوَدِ الْعِجْلِيُّ الْبَغْدَادِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، عَنِ الْحَسَنِ بْنِ صَالِحٍ، عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ تَسْبِيحَةٌ فِي رَمَضَانَ أَفْضَلُ مِنْ أَلْفِ تَسْبِيحَةٍ فِي غَيْرِهِ ‏.‏
Az-Zuhri said:“A Tasbihah in Ramadan is better than a thousand Tasbihah in other that it.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif Isnaad MaqtuAhmad Muhammad Shakir
  • Daif Isnaad MaqtuAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · Chapters on Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।