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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3387

नंबर 3387किताब 48, नंबर 18
حَدَّثَنَا الأَنْصَارِيُّ، حَدَّثَنَا مَعْنٌ، حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَبِي عُبَيْدٍ، مَوْلَى ابْنِ أَزْهَرَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ يُسْتَجَابُ لأَحَدِكُمْ مَا لَمْ يَعْجَلْ يَقُولُ دَعَوْتُ فَلَمْ يُسْتَجَبْ لِي ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَأَبُو عُبَيْدٍ اسْمُهُ سَعْدٌ وَهُوَ مَوْلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَزْهَرَ وَيُقَالُ مَوْلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ أَزْهَرَ هُوَ ابْنُ عَمِّ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَنَسٍ رضى الله عنه ‏.‏
Abu Hurairah narrated that :the Prophet said: “One of you will be responded to, so long as he is not hasty, saying: ‘I supplicated, and I was not responded to.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · Chapters on Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।