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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3723

नंबर 3723किताब 47, नंबर 325
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مُوسَى، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُمَرَ بْنِ الرُّومِيِّ، قَالَ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ كُهَيْلٍ، عَنْ سُوَيْدِ بْنِ غَفَلَةَ، عَنِ الصُّنَابِحِيِّ، عَنْ عَلِيٍّ، رضى الله عنه قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَنَا دَارُ الْحِكْمَةِ وَعَلِيٌّ بَابُهَا ‏"‏ ‏. هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مُنْكَرٌ ‏.‏ وَرَوَى بَعْضُهُمْ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ شَرِيكٍ وَلَمْ يَذْكُرُوا فِيهِ عَنِ الصُّنَابِحِيِّ وَلاَ نَعْرِفُ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ احِدٍ مِنَ الثِّقَاتِ غير شَرِيكٍ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏
Narrated 'Ali:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "I am the house of wisdom, and 'Ali is its door
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।