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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3336

नंबर 3336किताब 47, नंबर 388
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ عَوْنٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلمْ ‏:‏ ‏(‏ يومَ يَقُومُ النَّاسُ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ ‏)‏ قَالَ ‏"‏ يَقُومُ أَحَدُهُمْ فِي الرَّشْحِ إِلَى أَنْصَافِ أُذُنَيْهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَفِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏
Ibn Umar narrated from the Prophet:‘They Day when mankind will stand before the Lord of all that exists.’ He said: “One of them will be standing in sweat up to the middle of his ears.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।